होम ट्यूशन के साथ होम सेक्स भी दिया

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम समीर है, मे स्कूल का टोपर स्टूडेंट था और ग्रेजुएशन मैं भी मैंने यूनिवर्सिटी मे टॉप किया था, मुझे ग्रेजुएशन के बाद ही बहुत सारी कंपनी से जॉब के लिए ऑफर आया लेकिन मैंने पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर लिया और जल्द ही मे एक अछि मल्टी नेशनल कंपनी मे काम करने लगा, मेरी सैलरी भी बहुत अच्छी थी और साथ ही साथ कंपनी  ने मुझे बहुत सारी फैसिलिटी भी दे रखी थी, अगर काम शब्दो  मे कहा जाए तो मे एक खुश हाल और अच्छी जिंदगी जी रहा था |

लेकिन पता नहीं क्यों मैं स्कूल टाइम से ही कुछ और करना चाहता था और मुझे लगता था की मेरा खुद का कोई बिज़नस हो, या मेरी खुद की कोई कंपनी हो, मेरा अपनी कंपनी मैं परफॉरमेंस तो बहुत अच्छा था, लेकिन मेरे मन मैं खुद का कुछ करने की टिस हमेशा उठती रहती थी, तो बहुत सोचने के बाद मैंने फैसला किया की अब मैं खुद का कोई काम करूँगा और मुझे पता भी था मुझे क्या करना हैं |

इन सब चीजो से मैं अंदर ही अंदर गुजर रहा था और फिर एक दिन मैंने फैसला कर ही लिया की अब अपना ही काम करना हैं और मैंने कमपनी से रिजाइन कर लिया |

और जैसा मैं पहले से सोचता आरहा था मुझे फर्म क्या करना हैं तो मैंने एक सॉफ्ट वेयर फर्म शुरू की, मैंने इन सालो मैं अच्छी खासी सेविंग्स कर रखी थी क्योंकि मेरी सैलरी बहुत अच्छी थी आउट मैंने बहुत सारे कॉन्टेक्ट्स भी बना लिए थे, मैंने बहुत सारे ऑर्डर्स भी उठा लिए थे मेरे कॉन्टेक्ट्स की वजह से मेरी कंपनी खुलते ही मुझे बहुत सारे स्वदेशी और विदेशी ऑर्डर्स मिलने लगे, काम इतना बढ़ गया था की अब मुझे एम्प्लाइज की कमी महसूस होने लगी, मैंने बहुत सारे ऑर्डर्स दूसरे फर्म्स मे आउट सोर्स कर दिए, और काम मजे से चल रहा था लगभग छे महीने हो गए थे मुझे कंपनी खोले हुए और इतने सारे ऑर्डर्स इतने काम समय मे देख कर में मन मन खुश हो रहा था की आखिर कार मैंने एक सही निर्णय लिया |

लगभग छह महीने बाद ऑर्डर्स और भी बढ़ गए और एम्प्लाइज की कमी की वजह से में बहुत सारे ऑर्डर्स आउट सोर्स करने लगा, साथ ही साथ मैंने अपना स्टाफ बढ़ने के लिए एड्स भी दे दिए लेकिन सही समय पे सही एम्प्लाइज मिल नहीं रहे थे | मेरा आईडिया तो बहुत अच्छा था लेकिन मुझे बिज़नस का ज्यादा  एक्सपीरियंस नहीं था |

मैंने लगभग सत्तर प्रतिशत ऑर्डर्स बहार दे दिए थे और धीरे धीरे मेरे क्लाइंट्स ने मुझे ऑर्डर्स देना बंद कर दिया था, मैंने जब इसका तह तक जाकर अध्यन किया तो पता चला जो ऑर्डर्स मैंने बहार दिए थे वह सब स्टैण्डर्ड थे, और मुझे लगभग एक साल के अंदर ही नए ऑर्डर्स मिलने बंद हो गए, यह सब शायद मेरी बुसिनेस की कम समझ की वजह से हुआ, मैंने हद  से ज्यादा ऑर्डर्स ले लिए थे और अब नए ऑर्डर्स भी नहीं मिल रहे थे |

और समय के साथ साथ मेरी कंपनी दो साल के अंदर ही बहुत घाटे में गयी थी, मैंने मार्किट से भी पैसा उठाया और में धीरे धीरे डूबता ही जा रहा था और दो साल के बाद तो हालात ऐसी हो गयी थी, की मुझे अपने खुद के एम्प्लाइज को साले देने के पैसे नहीं बचे थे |

अब मैंने फिर से एक फाइल्स लिया और कंपनी बंद करने के बारे में सोचा और मार्किट से लिए हुए सारे पैसे मैंने कंपनी के शेयर और दूसरी चीजे बेच कर पूरी की |

अब मेरे पास कुछ नहीं बचा था और में बहुत डिप्रेशन में चला गया था, मुझे कुछ समझ में नहीं राह था की में आगे क्या करू, में क़र्ज़ मुक्त तो हो गया था लेकिन मुझे आगे का रास्ता नहीं नज़र आरहा था, जॉब भी अब मुझे तुरंत नहीं मिलने वाली थी क्योंकि दो साल में दुनिया बदल गयी थी |

और धीरे धीरे मैंने अपने आप को शराब में डुबो दिया, एक दिन रात को बैठ कर में शराब पि ही रहा था तभी एक मेरे कॉलेज फ्रेंड का कॉल आया और बाते करते करते में उसके सामने रोने लगा |

मेरी सारी कहानी सुन कर मेरे दोस्त ने मुझे सलाह दी जब तक नया जॉब नहीं मिलता tujhe होम ट्यूशन लेनी चाइये चूँकि मे मुम्बई मे रहता था और यहाँ पर होम ट्यूशन के अच्छे पैसे मिलते हैं इतना मुझे भी पता था, और अब मुझे लगने लगा की शायद कुछ अच्छा हो जाए |

मुझे अपने दोस्त की राय बहुत पसंद आयी, और अगले दिन ही मुझे एक नयी राह नज़र आने लगी, मैंने पहले तो दो तीन जगह जॉब के लिए अपना रिज्यूमे भेज दिया और फिर होम ट्यूशन के बारे मे पेपर पर एड्स ढूंढने लगा मुझे दो तीन सही एड्स लगे और मैंने उन्हें तुरंत कॉल किया, मुझे तीनो जगह से बुलावा गया और उन्होंने एक डेमो लेक्चर देने को कहा |

शाम को ही में तीनो में एक जगह डेमो लेक्चर देने गया, में पढाई लिखाई मे तो हमेशा से अच्छा रहा ही था तो मुझे किसी को पढने में ज्यादा तकलीफ नहीं होने वाली थी |

खैर में शाम को बताये हुए पते पर डेमो लेक्चर देने पंहुचा वहां जाकर पता चला मुझे एक फर्स्ट ईयर की लड़की को फिजिक्स पढना हैं |

और मेरा लेक्चर भी शुरू हो गया लेकिन जब मैंने उस लड़की को देखा जिसे मुझे पढना हैं वह अपनी उम्र से बहुत ज्यादा मातुरे लग रही थी, दिखने में सेक्सी तो थी ही साथ ही उसके बूब्स और फिगर किसी भी दूसरी लड़की के के लिए ईर्ष्याय का कारन बन सकते थे |

खैर मैंने अपना लेक्चर शुरू किया जो एक घंटे का था और उसके माँ बाप भी वहां मौजूद थे लेकिन आखरी डिसिशन उसी लड़की को लेना था | मेरा लेक्चर ख़तम हुआ और उसके माँ बाप ने बताया की अगर बेटी को आपका पढना पसनद आएगा तो अगले हफ्ते से आप रोज़ आसकते हैं पढ़ाने के लिए |

और अगले दिन ही शाम को मुझे उस लड़की के मम्मी का कॉल आगया और मुझे वहां पढ़ाने के लिए सेलेक्ट कर लिया गया था |