होम ट्यूशन के साथ होम सेक्स भी दिया – 2

तो एक हफ्ते के बाद मेरा काम शुरू हो गया, आवर मैं पहले दिन वहां पढ़ाने गया, मैंने डेमो लेक्चर के दिन उसका नाम नहीं पूछा था, तो आज हमने एक दूसरे को इंट्रोडक्शन दिया, उसने बताया उसका नाम निशा हैं मैंने भी अपना नाम बताया, और कुछ देर और इधर उधर की बाते करने के बाद मैंने पढ़ाना शुरू किया |

पढ़ाते समय मे गौर कर रहा था निशा मुझे छूने की बहुत कोशिश कर रही  थी, उसके बूब्स भी उसके कमीज़ से हलके हलके ज़लक रहे थे, शायद वह खुद ही दिखाना चाहती थी, शायद नयी नयी जवानी उसके अंदर हिलोरे मार रही थी और उसका तन बदन कमसिन काली से फूल बनाने के लिए तैयार था |

मेरा पहले दिन का लेक्चर ख़तम हुआ और उसने कहा सर आप बहुत अच्छा पढ़ाते हैं, मैंने उसे थैंक्स कहा |

अगले एक हफ्ते तक यही सील सिला चलता रहा था, और निशा मुझे किसी किसी तरह से अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करती रही, मैं निशा को शाम को पढ़ाने जाता था लेकिन एक शाम उसका कॉल आया और उसने कहा सर आज दोपहर मैं तीन बजे आसकते हैं मैं शाम को बिजी रहूंगी, मुझे भी दोपहर मे कुछ खास काम नहीं था तो मैंने उसे कहा ठीक हैं मे आजाऊंगा |   

अगले दिन जैसा की तय हुआ था मैं तीन बजे निशा को पढ़ाने पंहुचा, मैंने गौर किया आज निशा कुछ ज्यादा ही सज धज के बैठी थी और उसने एक बहुत प्यास सा सलवार सूट पहना हुआ था | मैंने पूछा क्या हुआ निशा कही जा रही हो? उसने कहा नहीं सर आपका ही इंतज़ार कर रही थी |

फिर मैंने उसे पढ़ाना शुरू किया लेकिन मैं देख रहा था उसका ध्यान पढ़ने मैं नहीं लग रहा था मैंने फिर पूछा उससे क्या हुआ निशा तुम्हारा ध्यान कहा हैं,

उसने कहासर मैं कैसी लग रही हूँ?

मैंने कहाबहुत अछि लग रही हो

उसने कहासर क्या मैं आपको अच्छी लगती हूँ

मैंने कहाहन तुम अच्छी हो

उसने कहासर आप मुझे बहुत अच्छे लगते हैं

मैंने कहाअच्छा ठीक हैं चलो पढाई करते हैं

और मैंने फिर से उसे पढ़ना शुरू किया, लेकिन शायद उसके मन मैं कुछ और चल रहा था और उसने मेरी जांघो पर हाथ रख दिया, उसके कमीज से उसके बूब्स भी हलके हलके दिख रहे थे और मैं भी अब अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था, मैंने उससे पूछा अच्छा बताओ तीन बजे क्यों बुलाया?

उसने कहाघर पर कोई नहीं हैं

और ऐसा कहती ही उसने मुझे हग कर लिया

मैंने भी उसे पकड़ा और उसे चूमते चूमते सोफे पर सुला दिया, और उसके ऊपर लेट गया, हम दोनों ने पुरे कपडे पहने हुए थे और मैं ऊपर से ही अपना लंड उसकी कमर और जांघो पर रगड़ने लगा, और उसके होठो को चुम रहा था और साथ साथ उसके बूब्स  भी दबा रहा था |

फिर मैंने कुछ देर बाद उसकी सलवार खोल दी और अपना लंड उसकी माध मस्त चूत मैं डाल दिया, मुझे अपना लंड डालने मैं थोड़ी मुश्किल हुई उसकी चूत बहुत टाइट थी शायद आज पहली बार उसकी चूत मैं किसी ने लंड डाला था |

लेकिन मेरा लंड भी लोहे की सलाख की तरह टाइट था और एक दो झटके मारने के बाद मैंने अपना खड़ा लंड उसकी चूत मैं पूरा डाल दिया |

निशा के मुँह से जोर से चिल्लाने की आवाज़ आयी और मैंने उसके मुँह को बंद कर दिया अपने हाथो से, और उसे जोर जोर से झटके मारने लगा, उसने अपनी दोनों टाँगे उठा ली थी और मैं झटके मारने के साथ साथ उसके बूब्स भी उसके कमीज के ऊपर से जोर जोर से दबा रहा था, उसके बूब्स भी बहुत टाइट हो गए थे |

कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद मैंने अपना लंड बहार निकल और अपनी शर्ट उतार दी, और साथ साथ निशा की भी मैंने कमीज निकाल दी और ब्रा भी निकाल दी और उसके बूब्स को चूसने लगा, फिर मैंने उसके बूब्स के ऊपर बैठ गया और अपना लंड उसके दोनों बूब्स के बिच मैं रख दिया निशा ने मेरे लंड को अपने दोनों बूब्स के साथ पकड़ लिया और मैं उसके बूब्स के बीचो बिच अपने लंड को आगे पीछे करने लगा मुझे जन्नत का मज़ा आरहा था|

करीब दस मिनट मैंने अपने लंड को उसके बूब्स के बिच मैं रगड़ा और फिर निशा ने अपनी गर्दन उठाकर मेरे लंड को अपने मुँह मैं ले लिया और चूसने लगी, और मैं पूरी ताकत से उसके बूब्स को दबा रहा था |

कुछ देर निशा ने मेरे लंड को चूस और फिर मैं सोफे पर बैठ गया और निशा को मैंने बैठे बैठे अपने लंड पर बिठा दिया और अपने लंड से उसकी चूत मैं जोर जोर से झटके मारने लगा निशा इस बार बहुत जोर से चिल्ला रही थी और उसने अपने नाख़ून से मेरी पीठ पर बहुत सारे निशान  बना  दिए, मैं जितने जोर से उसकी चूत मैं झटके मार रहा था उतनी ही जोर से उसने मेरी पीठ पर अपने नाख़ून चुभो रही थी, मैंने उसकी कमर पकड़ राखी थी और उसे अपने लंड पर ऊपर निचे कर रहा था उसके बूब्स मैं जो उछाल आरहा था उसे मैं कभी कभी अपने मुँह मैं लेकर कम कर देता था |

करीब पंद्रह मिनट इसी तरह मैं उसे झटके मार रहा था और उसके चूत से शायद खून भी निकल रहा था शायद उतना ही खून उसने मेरी पीठ से भी निकाल दिया था | फिर जैसे ही मेरे स्पर्म्स बहार आने वाले थे मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल दिया और अपना सारा पानी निशा के बूब्स पर डाल दिया |

निशा  ने मेरे सारे स्पर्म्स को अपने बूब्स पर मल दिया, और मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी |

उसके बाद निशा ने मुझे कहा चलो सर बात रूम चलते हैं और हम दोनों बाथ रूम जाकर एक साथ ही नहाने लगे और फिर हमने कपडे पहने |

उस दिन के बाद जब भी निशा घर मैं अकेली होती थी मुझे बुला लेती थी और मैं ट्यूशन के साथ साथ उसे सेक्स का भी मजा देने लगा था |