सामने वाली भाभी ने लंड हिलाया-2

उस दिन के बाद मुझे इतना तो पता चल गया था की भाभी जल्दी ही मुझसे चुदवा लेगी लेकिन कब मुझे यह मौका मिलेगा वह नहीं पता था, भाभी के आँखों मैं उस दिन साफ़ साफ़ वासना की भावना नज़र राही थी, मैंने उस दिन रूम मैं आकर भाभी के बड़े बड़े बूब्स को इमेजिन करके मूठ भी मारा था, दोस्तों इतना सारा गाढ़ा पानी बहार निकला था मैं आपको बता नहीं सकता, बस अब मुझे उनके बूब्स को जोर जोर से दबाने का इंतज़ार था |

कुछ दिन उनकी यादो मैं ही मूठ मारते मारते निकल गए, आवर उस दिन के बाद से भाभी मुझे शाम को वहां बालकनी मैं नज़र भी नहीं आयी मुझे लगा शायद मैं ही कही गलत तो नहीं सोच रहा, एहि सोच सोच कर मैं शाम को गैलरी मैं सिगरेट पि रहा था लेकिन भाभी मुझे आज भी नज़र नहीं आयी, मैंने अपने अंकल आंटी से भी सीधे सीधे उनके बारे मैं पूछ नहीं सकता था, क्योंकि वह सोचेंगे उसको भाभी से क्या लेना देना |

मुझे कुछ समाज नहीं राह था मैं क्या करू, कैसे पता लागू या कैसे मिलु भाभी से मुझ मे इतनी हिम्मत नहीं थी की सीधा भाभी के घर जाकर उनसे मिल लू, क्योंकि भाभी मुझे बालकनी मैं नज़र ही नहीं आरही थी मैंने सोचा कही भाभी को बुरा तो नहीं लगा उस दिन की बात का, आवर मैंने सोचा मैंने वायर भी लूज़ छोड़ कर आया था अब तक तो वायर को निकल जाना चाइये था |

अगले दिन मैं िफ़र कॉलेज से वापस आया, आवर बालकनी पर खड़े हो कर सिरगेट पि रहा था, तभी मुझे भाभी दिखाई दी, और उन्होंने मुझे देख कर स्माइल किया और हाथ से इशारा भी किया, मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, दोस्तों मैंने अभी तक आपको भाभी के रंग रूप के बारे मे नहीं बताया, भाभी हमेशा साड़ी पहन कर ही रहती थी, और साड़ी हमेशा कमर के निचे बांधती थी जिससे उनकी कोमल और गोरी कमर झलकती थी, उनकी बैली बटन भी कभी कभी उनके साड़ी से दिख जाती थी, भाभी हमेशा टाइट ब्लाउज पहनती थी जिसे देख कर लगता था की उनके बड़े बूब्स ब्लाउज से बहार आजायेंगे, उनके बाल बंधे हुए रहते हैं , और उनका भरा भरा फिगर हैं कोई भी उन्हें देख ले तो देख कर ही खड़ा हो जाये|  

मैंने पहले उन्हें कभी ऐसी नज़र से नहीं देखा था लेकिन उस दिन के हादसे के बाद मैंने उन्हें नोट किया था, खैर भाभी ने जब मुझे देख कर स्माइल दी तो मैंने उनसे इशारो मैं पूछा था की कहाँ थी भाभी तीन चार दिन, भाभी ने मुझे घर आने का इशारा किया, मैंने जल्दी से कपडे बदले और उनकी घर की तरफ चल पड़ा और पहले की तरह भाभी ने इस बार भी मेरे लिए चाय पानी पहले से बना कर रखी थी, मैंने उनसे पूछा भाभी कहा थी आप तीन चार दिन, उन्होंने कहा मुझे वायरल हो गया था तो मे बालकनी मैं नहीं अपायी, बस नोकरानी ही सरे काम कर दिया करती थी घर के, मैंने कहा ओके, भाभी ने कहाक्यों मुझे मिस कर रहे थे?

मैंने कहानहीं

भाभी यह सुनते ही हँसने लगी और कहा चल जूठे

मैंने कहाभाभी सच कह तो मैंने आपको बहुत मिस किया था

भाभी ने कहाअच्छा तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड हैं

मैंने कहानहीं हैं

भाभी ने कहाअच्छा पहले किसी लड़की को छुवा हैं

मैंने कहाभाभी जब गर्ल फ्रेंड ही नहीं हैं तो कैसे छुऊँगा किसी लड़की को

भाभी फिर से हँसने लगी, भाभी ने कहा शेखर मेरी तबियत आज भी थोड़ी ख़राब हैं, लेकिन मुझे पता था तुम मेरा वेट कर रहे होंगे इसीलिए मैं बालकनी मे गयी, शायद कल तक मैं ठीक हो जाउंगी |  

उनकी यह बात सुनकर मेरे चेहरे पर उदासी छा गयी, भाभी मेरा चेहरा देख कर हँसने लगी उसने कहा अच्छा मेरे पास अऊ, भाभी सोफे पर बैठी हुई थी और मैं उनके सामने जाकर खड़ा हो गया, भाभी ने एक झटके से मेरे पैंट की चैन खोल दी और मेरा लंड अपने कोमल हाथो मैं ले लिया, मैं इसके लिए तैयार नहीं था और पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड को हाथ मैं लिया था भाभी ने थोड़ी देर मेरा लंड हिलाया और मेरा सारा गाढ़ा पानी बहार निकल गया, मुझे भाभी के सामने बहुत शर्म आने लगी, भाभी ने कहा शर्माओ मत होता  हैं ऐसा कभी कभी, और भाभी ने जाकर टिसू पेपर लाये और मेरा पानी पोछ दिया और जैसे जैसे  वह मेरे लंड का पानी साफ़ कर रही थी मेरा लंड फिर से टाइट हो गया भाभी ने कहा जल्दी ही मैं तेरा लंड अपनी चुत मैं लुंगी |

मेरे खड़े लंड को भाभी ने फिर से हिलाना शुरू किया, और अपने सारी के पल्लू को गिरा दिया मैं अभी भी उनके सामने खड़ा ही था और भाभी मेरे सामने सोफे पर बैठी हुई थी, मैंने भाभी के बूब्स को दबाना शुरू किया और बहुत जोर जोर से दबाने लगा, कुछ देर मेरा लेण्ड हिलाने के बाद भाभी ने मेरा लंड मुँह मैं डाल दिया और अच्छे से चूसने लगी अपने मुँह को मेरे लंड पर आगे पीछे कर रही थी, मैंने भाभी का ब्लाउज खोल दिया और उनके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा, फिर भाभी ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाला और अपने दोनों बूब्स के बीच मैं डाल दिया और अपने दोनों बोओब्स की मदद से मेरे लंड को हिलाने लगी अब मैं भी अपना लंड उनके बूब्स के बीच मैं आगे पीछे करने लगा, मेरे मुँह से आह आह आह आह की आवाज़े निकलने लगी, भाभी के बूब्स ने मेरे लंड मैं शायद और सख्ती महसूस की होगी और मेरे लंड को फिर जोर जोर से हाथ से हिलाने लगी और दूसरे हाथ से मेरे अंडो को सहलाने लगी, मेरा लंड एक दम लोहे की तरह कड़क हो गया था भाभी मेरे लंड को और जोर जोर से हिलाने लगी और एक बार फिर से मेरा बहुत सारा गाढ़ा पानी बहार आगया जिसे भाभी ने अपने बूब्स के ऊपर डाल दिया और अपने बूब्स पर मलने लगी |

भाभी अब मुझे देख कर है रही थी, मैंने भाभी से कहा मैं बहुत जल्दी आपकी चुत मैं अपना लंड डालूंगा बस आप जल्दी ठीक हो जाइये |  दोस्तों मैंने भाभी को किस तरह अगली बार चोदा मैं आपको जरूर बताऊंगा, मुझे जरूर आप याद दिलाना |