भाभी की सहेली की चूत की चुदाई की कहानी

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमन हैं, कैसे है आप लोग, चलो ज्यादा टाइम वेस्ट करते हुए सीधे मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ जो पीछे महीने घटी |

मैं अपने ऑफिस मैं बैठा काम कर रहा था, तभी मुझे मेरे कॉलेज के दोस्त रवि का कॉल आया उसने मुझे बताय की उसकी शादी फिक्स हो गयी हैं (वैसे मुझे पता था उसकी शादी की कही बात चल रही हैं), मे बहुत खुश हुआ उसे ढेर साड़ी बधाई दी और मेरे दोस्त रवि ने कहा तुझे आना पड़ेगा अगले हफ्ते, मैंने उसे कहा पक्का आऊंगा |

दोस्तों मैं मुम्बई मैं जॉब करता हूँ लेकिन मेरा दोस्त जबलपुर मैं रहता हैं वहां उसकी खुद की एक कंपनी हैं, तो मुझे मुम्बई से कुछ दिनों की छुट्टी लेकर जबलपुर जाना था |

मैंने ऑफिस मैं छुट्टियों के लिए एप्पल किया और मुझे दस दिनों की छुट्टी मिल गयी, मेरे दोस्त ने मेरे लिए प्लेन की टिकेट मेल कर दी थी, मुझे सारे अपने पेंडिंग ऑफिस के काम और दूसरे काम पुरे करने थे क्योंकि मेरे पास पाँचछे दिन ही थे उसके बाद मुझे दोस्त की शादी मैं जाना था |

और जल्द ही वह दिन भी गया और मैं फ्लाइट से जबलपुर पंहुचा, मेरे दोस्त ने एयरपोर्ट पर ड्राइवर को भेज था मुझे पिक उप करने के लिए, मेरा दोस्त वैसे ही शादी की तैयारी मैं बिजी था इसीलिए खुद नहीं आपाया, उसने मेरे रुकने के लिए थ्री स्टार होटल मैं बुकिंग की हुई थी तो मैं एयरपोर्ट से सीधा होटल ही पंहुचा, रस्ते मे मेरे दोस्त का कॉल आया और पूछा कोई तकलीफ तो नहीं हुई मैंने कहा नहीं और हमने शाम को उसके घर ही मिलने का प्लान बनाया |

मुझे अपने दोस्त की अरेंजमेंट बहुत पसंद आरही थी, मेरे दोस्त ने भी अपने डैड की कंपनी को बहुत आगे बढ़ाया और मेरा दोस्त कॉलेज के समय से ही बहुत मेहनती थी, पढाई मैं भी अच्छा ही था, खैर मैं होटल पंहुचा फ्रेश हुआ और लंच करने लगा, मैं भी बहुत दिनों बाद मुम्बई की भाग दौड़ की जिंदगी छोड़ कर थोड़ा रिलैक्स फील कर रहा था और जबलपुर ज्यादा बड़ी सिटी नहीं थी मुम्बई के मुक़ाबले लेकिन फिरभी मुझे वहां अजीब सा सुकून मिल रहा था |

शाम को मैं अपने दोस्त के घर पंहुचा मेरे दोस्त ने एक ड्राइवर और कार मेरे लिए ही हायर किया हुआ था, और मुझे  कहा था यह २४ घंटे तेरे साथ ही रहेगा तुझे जहाँ जाना हो जाना घूमना हो यह तुझे ले जायेगा |

मैं अपने दोस्त के मम्मी और डैडी से मिला फिर अपने दोस्त से मिलने उसके कमरे मैं गया हम बड़े जोश से एक दूसरे से मिला कम से काम हमने एक घंटा बात की होगी लेकिन एक घंटे कैसे निकला समझ मैं नहीं आया, फिर मैंने दोस्त से कहा यार होने वाली भाभी की तो पिक्चर तूने दिखाई ही नहीं, फिर मेरे दोस्त ने अपने मोबाइल से भाभी की फोटो दिखाई मैंने कहा यार रवि भाभी तो बहुत सुन्दर हैं तू बड़ा लकी हैं |

कुछ देर और हमने बात की उसके बाद मैंने दोस्त से कहा चल ड्रिंक करते हैं, मेरे दोस्त की शादी को अभी पाँच दिन और बचे थे तो वह मान गया और हम दोनों होटल मैं आया जहाँ मैं रुका हुआ था, और हम दोनों ने दारू पीना शुरू किया, पुरानी बाते करते करते वक़्त कैसे बीत रहा था समझ मैं नहीं राह था, मेरे दोस्त ने घर पर कॉल करके बताया की आज वह मेरे साथ ही रहेगा, तो मैं और रवि कहना खाने के बाद मेरे रूम मैं ही सो गए |   

अगले दिन सुबह रवि उठा और घर गया उसने मुझे शादी के कुछ काम भी दिए और कुछ चीजे खरीदने के लिए भी बोली, तो मेरे जिम्मे जो भी काम थे मैं उन्हें करने मैं बिजी हो गया और जल्दी ही शादी वाला दिन भी आगया, शादी का मुर्हत रात को १० बजे का था जब फेरे होने थे उससे पहले मिलनी वगेराह होनी थी, और एक दिन पहले शगुन की रस्म भी हो गयी थी, खैर इन सब रस्मो मैं मुझे ज्यादा इंटरेस्ट नहीं आरहा था, लेकिन मुझे शादी की अरेंजमेंट, और बाकी सारी चीजे देख कर मजा आरहा था |

शादी के दिन और पहले जो भी रस्मे हुई थी मे अपने दोस्त के साथ ही था, शादी एक रिसोर्ट मैं होनी थी तो हमे बारात लेकर रिसोर्ट मैं ही जाना था, लड़की वाले रिसोर्ट मैं ही रुके हुए थे | तो हम लोग करीब सात बजे बरात लेकर घर से निकले और आधे घंटे मे यानी साढ़े सात बजे रिसोर्ट पहुच गए, बहुत ही आलिशान और खूबसूरत रिसोर्ट था |

हम लोग जब रिसोर्ट के गेट पे पहुचे तो वहां लड़की वालो ने एक रिबन बाँध राखी थी जो दूल्हे यानी मेरे दोस्त को काटनी थी, और वहां पर दुल्हन की सहेलिया खड़ी थी जिन्हें पैसे देने थे बिना पैसे दिए वह अंदर नहीं जाने देने वाली थी |

यह सब रस्मे चल ही रही थी तभी मेरी नज़र एक बेहद खूबसूरत लड़की पर पड़ी, उसने लेहंगा और चोली पहनी हुई थी, उसकी बड़ी बड़ी कटीली आँखे थी, कसा हुआ गोरा बदन, लाल लाल होठ, अब तो पूरी शादी मैं मेरी नज़र उसी पर थी और मैं समझ गया था की यह भाभी की कोई ख़ास सहेली है इसीलिए हर रस्म मैं वह दिखाई दे रही थी, मुझे अब पहली बार शादी मैं मजा आने लगा था नहीं तो अब तक मैं बोर ही हो रहा था |

हर रस्म मैं वही आगे रहती थी और पैसे भी उसे ही मिल रहे थे, तभी मैंने अपने दोस्त को यार रवि सारे पैसे भाभी की सहेलियों पर लूट डोज या कुछ भाभी के लिए भी रखोगे, सारे लड़के वाले ठहाका मार कर हँसने लगे |

तभी वह लड़की जिस पर से मेरी नज़र नहीं हट रही थी बोलीलल्लू यह हमारा हक़ हैं तुम नहीं समजोगे

तभी लड़की वाले उसकी बात सुन कर ठहाका मार कर हँसने लगे

फिर मैंने कहातो आप समजा दीजिये, अगर हमे समझ नहीं आरहा तो

तो उसने कहाशादी कर लो समझ जाओगे

मैंने कहाआप तैयार हो तो कर लेंगे

और फिर से लड़के वाले जोर जोर से हँसने लगे, और मेरी यह बात सुन कर वह थोड़ी शर्मा गयी

अब सारी शादी मैं मेरी नज़र उसी की तरफ थी और वह भी एख बीच बीच मैं मुझे देख लेती थी |